सहारा लिया।
निर्मल बाबा के खिलाफ सबसे पहले यहां के दो बच्चों 16 वर्षीय तनया ठाकुर व उसके 13 वर्षीय भाई आदित्य ने आवाज उठाई और रिपोर्ट लिखाने के लिये पुलिस के छोटे-बड़े अधिकारियों के पास गये।
पुलिस ने शिकायत को मंजूर कर ली, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की। दोनों बच्चों ने आज इसके लिये अदालत का दरवाजा खटखटाया और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दी।
भाई-बहनों के विरोध शुरू करते ही निर्मल बाबा के खिलाफ पूरे देश में धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। कानपुर में दो दिन पहले उनका पुतला फूंका गया। कई स्थानों पर रास्ता भी जाम किया गया। अब पूरे देश में धीरे-धीरे निर्मल बाबा की धोखाधड़ी सामने आ रही है।
तनया ठाकुर ने आज ‘यूनीवार्ता’ से
upperads
Sunday, April 22, 2012 | 2:15 PM | 0 Comments
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