फिल्म के क्षेत्रीय वितरक कुशाग्र आर्ट्स और सिनेमा हॉल मालिक अब इस आदेश के बाद इस बंगाली बाला के खुली पीठ वाली तस्वीरों को नीले रंग के स्याही से रंग रहे हैं।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्त ने पश्चिम बंगाल सेंसरशिप बोर्ड के आदेश पर मंगलवार को रोक लगाने से इनकार कर दिया। बोर्ड ने वितरकों को आदेश दिया था कि वे उन पोस्टरों का प्रदर्शन नहीं करें, जिनमें अभिनेत्री को कामुक अंदाज में पेश किया गया है। अभिनेत्री के खुले शरीर को नीली स्याही से रंगने के बाद छह अन्य पोस्टरों को दिखाए जाने की अनुमति दी गई है।
फिल्म के पोस्टरों को स्याही से रंगे जाने की बात स्वीकार करते हुए निर्देशक विवेक अग्निहोत्री नेमुंबई से बताया कि राज्य सेंसर बोर्ड की कार्रवाई से फिल्म के प्रचार में मदद मिलेगी। (भाषा)
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