वर्तमान में ग्रहों की स्थिति पर नजर डाले तो सूर्य-मीन, चंद्रमा-धनु, मंगल-सिंह, बुध-मीन, गुरु-मेष, शुक्र-वृषभ, शनि-तुला (वक्री), राहु-वृश्चिक तथा केतु-वृषभ राशि में परिभ्रमण कर रहे हैं। इस आधार पर मंगल का शनि से तृतीय पद दृष्टि तथा शनि का मंगल से एकादश दृष्टि संबंध त्रिरेकादश योग बना रहा है।
मूल्य वृद्घि के संकेत
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शनि को रसायन, लोह, पत्थर, कच्चा तेल, रेती, सीमेंट आदि का कारक ग्रह माना गया है। इस कारण उक्त ग्रहों से संबंधित वस्तुओं के मूल्यों में वृद्घि के संकेत मिल रहे हैं। ग्रह गोचर में राहु-शुक्र के प्रतियोगी होने से महिलाओं की स्थिति प्रभावित होगी। सामाजिक मूल्यों का ह्रास होगा।
भारत-पाक संबंधों में सुधार
ग्रहों की स्थिति मंगल-गुरु का त्रिकोण योग भी बना रही है, जो देश के लिए अनुकूल है। एशियाई देशों में भारत का प्रभुत्व बढ़ेगा। भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में अभूतपूर्व सुधार दिखाई देगा।
